बिहार बंद का मिलाजुला असर, 1000 लोग हिरासत में लिए गए (लीड-1)
पुलिस के अनुसार बंद के मद्देनजर पटना सहित पूरे राज्य में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक यू़ एस़ दत्त ने बताया कि बंद के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 1000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें सबसे अधिक गोपालगंज जिले से 200 लोगों को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने बताया कि जहानाबाद, विक्रमशिला, मसैढ़ी, समस्तीपुर सहित कई क्षेत्रों में रेल यातायात भी बाधित करने की कोशिश की गई परंतु पुलिस के पहुंच जाने के बाद बंद समर्थक हट गए। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
पटना, दरभंगा, आरा, भागलपुर, गोपालगंज सहित कई क्षेत्रों में बंद समर्थकों ने सड़क पर निकल प्रदर्शन किया गया तथा जत्थों में निकलकर दुकानें बंद करवाते देखे गए। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों और दुकानदारों में हुए झड़प में करीब छह लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई।
मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी बंद समर्थक सड़कों पर निकले और प्रदर्शन किया। कई जगहों पर वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ भी की गई।
उधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने पटना विश्वविद्यालय परिसर में पहुंच कर कार्य बाधित किया।
जहानाबाद और समस्तीपुर जिले में बंद का व्यापक प्रभाव देखा गया। इन दोनों जिला मुख्यालयों में बंद समर्थकों ने रैली निकाली और सभी दुकानों को बंद करवा दिया। जहानाबाद और समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने रेल पटरी अवरूद्ध किया जिससे रेल यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
खगड़िया, मोतिहारी और पूर्णिया में बंद का मिलाजुला प्रभाव देखने को मिला। इन जिलों में बंद समर्थकों ने रैली निकाली और नीतीश सरकार के विरोध में नारे लगाए। बंद के कारण आज आवागमन में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भाकपा माले के राज्य सचिव नंदकिशोर प्रसाद ने बंद को पूरी तरह सफल बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने बंद को विफल करने में लगे रहे फिर भी लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी स्थानों पर बंद समर्थकों को हिरासत में लिया।
उल्लेखनीय है कि भाकपा माले ने राज्य में भूमि सुधार आयोग और समान शिक्षा प्रणाली आयोग की सिफारिशों को लागू करने, महंगाई की मार झेल रहे गरीबों को राहत देने, बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग के समर्थन में तथा नीतीश सरकार की विफलता को लेकर मंगलवार को बिहार बंद का एलान किया था, जिसका अन्य कई राजनीतिक दलों ने भी समर्थन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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