मानवता के खिलाफ अपराध है रैगिंग: राष्ट्रपति
पाटिल ने कहा, "हमारे विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थाओं में रैगिंग पर रोक अवश्य लगना चाहिए। यह मानवता के खिलाफ एक अपराध और शर्मनाक व्यवहार है। शिक्षा को सभ्यता और सामाजिक जागरूकता विकसित करना चाहिए अन्यथा इसका जीवन और पर्यावरण से संबंध स्थापित नहीं हो सकेगा।"
राष्ट्रपति ने छात्रों से यह भी कहा कि वे केवल वाणिज्य और प्रबंधन जैसे विषय ही नहीं पढ़ें। उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय स्तर पर समान रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी विज्ञान विषयों को पढ़ने और अनुसंधान व नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा, "54 करोड़ युवाओं के साथ भारत में विश्व की सबसे अधिक युवा आबादी है। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि वे उचित शिक्षा प्राप्त कर सकें।"
इससे पहले गोवा के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलपति एस. एस. सिद्धू ने पाटिल को समाज के उत्थान और समाज के वंचित वर्ग पर विशेष ध्यान देने के क्षेत्र में योगदान के लिए डी. लिट की उपाधि से सम्मानित किया।
समारोह में विभिन्न संकायों के 32 छात्रों को पीएचडी और 376 स्नातकोत्तर छात्रों को मास्टर डिग्री दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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