सीमा को लेकर चीन के रवैये से भारत हैरान : मनमोहन
वाशिंगटन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह भारत के साथ सीमा विवाद पर चीन के अक्रामक तेवरों के कारणों को समझने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
अमेरिका के प्रभावशाली थिंक टैंक 'कौंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स' में सोमवार को मनमोहन सिंह ने कहा, "हम पिछले पांच वर्षो से चीन से वार्ता की कोशिश कर रहे हैं। चीन के साथ हमारा सीमा विवाद लंबे समय से है। हम इसे वार्ता के माध्यम से सुलझाना चाहते हैं।"
पिछले महीने थाईलैंड में चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मुलाकात करने वाले मनमोहन सिंह ने कहा, "मुझे इस संबंध में चीन के शीर्ष नेतृत्व से आश्वासन हासिल हुआ लेकिन चीनी पक्ष इसको लेकर निश्चित रूप अक्रामक है। मैं इसका कारण समझने में पूरी तरह असमर्थ हूं। यह एक चिंता है।"
प्रधानमंत्री ने तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा और चीन के उस पर आपत्ति जताने की घटना के संदर्भ में भारत-चीन संबंधों पर यह टिप्पणी की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश वार्ता के माध्यम से सीमा विवाद सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "चीन हमारा एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है। सीमा विवाद के लंबित रहने के बावजूद दोनों देशों ने सीमा पर शांति कायम रखने का फैसला किया है।"
यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने चीनी की शक्ति प्रदर्शन की गतिविधियों के प्रति अपनी नाखुशी जाहिर की है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि भारत और चीन दोनों को विकास करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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