अमर सिंह ने अपने आचरण पर खेद जताया
राज्यसभा की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक स्थगित होने के बाद संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में अमरसिंह ने कहा कि वह अपने आचरण पर शर्मिदा हैं। उन्होंने कहा, "मैं सदन और अहलूवालिया से माफी मांगूगा। मेरा विरोध इस बात पर था कि सदन में 'जय श्रीराम' के नारे न लगें।"
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के नारे लगेंगे तो मुस्लिम भी 'या अली' के नारे लगाने लगेंगे। यह ठीक नहीं रहेगा। सिंह ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में इस तरह की नारेबाजी ठीक नहीं है। सिंह ने कहा, "मैं दुखी हूं। अपने आचरण से आहत हूं और क्षमा मांगने को तैयार हूं।"
उन्होंने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह राम के नाम पर राजनीति न करें, राम के नाम पर रोटियां न सेंके। राम का नाम बदनाम न करें। सिह ने कहा, "मैं उन्हें नारेबाजी करने से रोकना चाहता था। मैं उन्हें समझाने गया था। तभी धक्का-मुक्की शुरू हो गई।" उन्होंने कहा कि वह अपने आचरण से दुखी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications