मुस्लिम नेताओं ने कहा, बाबरी विध्वंस के दोषियों को दंडित करो
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने 16वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद के विध्वंस में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि सरकार रिपोर्ट को संसद में पेश न करे, इसका कोई कारण नहीं बनता है।
फारूकी ने सवाल किया है, "आखिर 17 वर्षो तक इंतजार, 48 बार समय सीमा का विस्तार और करोड़ों रुपये का खर्च किसलिए?"
फारूकी ने आईएएनएस से कहा, "न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) लिब्रहान की जिम्मेदारी दोषियों की पहचान करने की थी। लेकिन हमारे लिए वे सभी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में समान रूप से लिप्त हैं, जो सच्चाई को छुपा रहे हैं और रिपोर्ट को संसद में पेश करने से कतरा रहे हैं।"
पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी ने कहा है कि लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट लीक होना आश्चर्यजनक है। ऐसा करने के पीछे का मकसद इसके प्रभाव को कम करना है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय सचिव सिद्दीकी ने कहा, "जिस तरीके से रिपोर्ट लीक हुई है, यह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सारा ध्यान रिपोर्ट लीक होने को लेकर उठे विवाद पर हो गया है। इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई को बेनकाब करने का मामला पीछे छूट गया है।"
पूर्व सांसद और बाबरी मस्जिद आंदोलन समन्वय समिति के संयोजक सैयद शहाबुद्दीन ने सरकार से आग्रह किया है कि लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट आने के बाद वह क्या कार्रवाई करेगी, इस पर वह अपनी राय स्पष्ट करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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