जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत व अमेरिका के बीच चर्चा जारी
वाशिंगटन, 23 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच प्रस्तावित शिखर बैठक के एक दिन पूर्व भारत और अमेरिका कोपनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाली अंतर्राष्ट्रीय बातचीत के प्रति अपने नजरिए को एक-दूसरे के करीब लाने में जुटे हुए हैं। दोनों देशों के बीच जारी यह बातचीत मंगलवार को हरित प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के समझौते का रास्ता साफ कर सकती है।
जलवायु परिवर्तन पर भारत और अमेरिका के वार्ताकार दोनों पक्षों के दृष्टिकोण के बीच की दूरियों को पाटने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस कोशिश ने दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक के दौरान हरित प्रौद्योगिकी समझौते की संभावनाओं का रास्ता खोल दिया है।
दोनों देशों के बीच अक्षय ऊर्जा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
हरित प्रौद्योगिकी और ऊर्जा समृद्ध हरित इमारतों व ऊर्जा के अक्षय संसाधनों जैसे संबंधित क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। अक्षय ऊर्जा में सौर, पवन और बायो मास ऊर्जा शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया है कि कई सारी संयुक्त परियोजनाएं जल्द ही घोषित की जा सकती हैं।
जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान उनके साथ हैं, जहां जलवायु परिवर्तन का मुद्दा बातचीत के एजेंडे में छाया रहेगा।
नई रणनीति ने भारत को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वह जलवायु परिवर्तन पर बातचीत को परमाणु ऊर्जा तक अपनी पहुंच बनाने की बातचीत के साथ जोड़े। यह नया दृष्टिकोण ओबामा प्रशासन की इस बात की प्रतिबद्धता में दिखाई देता है कि जब दोनों देशों के नेता बातचीत के लिए बैठें तो इस्तेमाल ईंधन के पुनशरेधन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सके।
लेकिन विश्वस्त सूत्रों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों के बीच संबंधों को लेकर दृष्टिकोण का फर्क है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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