राम मंदिर के निर्माण की साध पूरी होने तक उसके लिए कार्य करता रहूंगा : आडवाणी (लीड-1)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आडवाणी सोमवार को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की जांच करने वाले लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट मीडिया में लीक होने के बाद सदन में बोल रहे थे।
आडवाणी ने कहा, "बाबरी विध्वंस की घटना से मैं दुखी हुआ था लेकिन जहां तक अयोध्या आंदोलन की बात है तो मैं उससे जुड़कर खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं।"
उन्होंने कहा, "निजी तौर पर मैं समझता हूं कि जनता की इच्छा के अनुसार उस स्थान पर एक भव्य राम मंदिर बने, यह मेरे जीवन की साध है और जब तक यह साध पूरी नहीं होगी, मैं इसके लिए कार्य करता रहूंगा।"
उन्होंने कहा, "आज वहां पर एक मंदिर बना हुआ है और कुछ नहीं है, लेकिन वह मंदिर जिस रूप में है, वह कोई भगवान राम के जन्म स्थान के अनुरूप नहीं है। मैं चाहूंगा कि वहां एक भव्य मंदिर बने। यह मेरी दिली इच्छा है।"
रिपोर्ट में वाजपेयी के नाम का उल्लेख होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए आडवाणी ने कहा, "मैंने जिस नेता (वाजपेयी) के नेतृत्व में जीवनभर काम किया, उनके बारे में भी रिपोर्ट में कहा गया और इसीलिए मैंने यहां खड़े होने का फैसला किया। वाजपेयी जी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। मेरा या मेरी पार्टी का नाम आए तो उसे मैं चुनौती के रूप में स्वीकार करुंगा लेकिन वाजपेयी जी का नाम लिए जाने से मैं स्तब्ध हूं।"
उन्होंने कहा कि छह दिसंबर, 1992 की घटना उनके जीवन की सबसे दुखद घटना है और यह बात उन्होंने आयोग के समक्ष भी कही थी।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को एक अंगेजी दैनिक ने आयोग की जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के नेताओं को दोषी ठहराया है।
अखबार की इस खबर के मद्देनजर आडवाणी ने लोकसभा में कहा कि आयोग की रिपोर्ट को तत्काल सदन में पेश किया जाना चाहिए। उनके अलावा कुछ अन्य दलों के नेताओं मसलन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वासुदेव आचार्य, बहुजन समाज पार्टी के दारासिंह चौहान ने भी रिपोर्ट को सदन में तत्काल पेश किए जाने की मांग की। इस पर सरकार ने आश्वासन दिया कि इस रिपोर्ट को मौजूदा शीतकालीन सत्र में ही सदन में पेश कर दिया जाएगा ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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