लिब्रहान रिपोर्ट के सिर्फ अंग्रेजी संस्करण पर भाजपा को एतराज नहीं

सरकार ने हालांकि इसे चालू सत्र में ही सदन में पेश करने का आश्वासन दिया है लेकिन उसके सामने दुविधा यह है कि रिपोर्ट का सिर्फ अंग्रेजी संस्करण ही उपलब्ध है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने विपक्षी दलों के सामने इस बात को रखा है कि यदि हिन्दी पर आग्रह न हो और उन्हें आपत्ति न हो तो सरकार इस रिपोर्ट का सिर्फ अंग्रेजी संस्करण सदन के पटल पर रख सकती है।

गृह मंत्री चिदंबरम ने लोकसभा में कहा कि आयोग ने गत 30 जून को रिपोर्ट सौंपी थी। इसे छह महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट के साथ संसद में पेश करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "हम इसे संसद के शीतकालीन अधिवेशन में ही पेश करेंगे।"

इस बारे में पूछे जाने पर लोकसभा में भाजपा की उपनेता सुषमा स्वराज ने कहा, "यदि अंग्रेजी संस्करण सदन के पटल पर पेश किया जाए तो हमें स्वीकार है। यूं तो कोई भी रिपोर्ट दोनों भाषाओं में पेश करने का प्रावधान है लेकिन विशेष परिस्थितियों में ऐसा किया जा सकता है। इसमें कोई अड़चन नहीं है।"

सुषमा ने दावा किया कि इससे पहले भी सच्चर आयोग और फूकन आयोग की रिपोर्ट सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश हुई थी और उनके हिन्दी संस्करण बाद में सदन में पेश किए गए थे।

उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट के अंश मीडिया में लीक होने को लेकर आज संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक स्थगित कर दी गई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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