मप्र में 4 वर्षो से खर्च नहीं हुई नरेगा की पूरी राशि
भोपाल, 23 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार पर मध्य प्रदेश की हर मामले में उपेक्षा का आरोप लगाने वाली राज्य सरकार के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के आंकड़े चौंकाने वाले हैं क्योंकि सरकार पिछले चार वर्षो में योजना की पूरी राशि ही खर्च करने में नाकाम रही है। इनमें से तीन वर्ष ऐसे हैं जब केंद्र सरकार के खाते की ही राशि पूरी खर्च नहीं हुई।
केंद्र सरकार ने जरूरतमंदों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराने के लिए पांच वर्ष पूर्व राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत केंद्र सरकार राशि मंजूर करती है और उसमें राज्य का भी अंश होता है। प्रदेश सरकार पिछले चार वर्षो मे कुल आवंटित राशि ही खर्च नहीं कर सकी है।
विधानसभा में कांग्रेस के विधायक पांची लाल मीणा के सवाल के जवाब में सामाजिक कल्याण मंत्री गोपाल भार्गव ने स्वीकार किया कि चार बरस में कुल आवंटित राशि पूरी खर्च नहीं की जा सकी। उन्होंनें बताया कि वर्ष 2005-06 में कुल आवंटन 97 करोड़, 64 लाख रुपये था जिसमें 81 करोड़, 98 लाख रुपये ही खर्च हुए। इसी तरह वर्ष 2006-07 में कुल आवंटन 2092 करोड़, 58 लाख रुपये था जिसमें 1862 करोड़, 68 लाख रुपये ही खर्च हुए।
भार्गव ने बताया कि वर्ष 2007-08 में कुल आवंटन 2897 करोड़ 72 लाख रुपये का हुआ था जिसमें 2891 करोड,़ 72 लाख रुपये ही खर्च किए जा सके। वर्ष 2008-09 में तो केंद्र सरकार के अंश को ही खर्च नहीं किया जा सका है। वर्ष 2008-09 में कुल आवंटन 4352 करोड़, 39 लाख रुपये का हुआ था जिसमें 3554 करोड़, 96 लाख रुपये ही खर्च किए जा सके। इसमें केंद्र का अंश 3840 करोड़ रुपये था। चालू वर्ष 2009-10 में कुल आवंटन 2437 करोड़, 27 लाख रुपये का हुआ है जिसमें अक्टूबर तक 1899 करोड़, 62 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
भार्गव ने अपने जवाब में बताया कि नरेगा मांग आधारित योजना है। जिसमें जॉबकार्डधारियों की मांग के अनुरूप राशि व्यय की जाती है और शासन से प्राप्त राशि लेप्स नहीं होती है। शेष राशि का उपयोग अगले वित्तीय वर्ष में किया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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