अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कारण दक्षिण एशिया में अस्थिर : एंटनी
'संघर्ष की बदली प्रकृति : प्रवृत्तियों और प्रतिक्रियाएं' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में एंटनी ने कहा, "पिछले कुछ महीनों में हमारे पड़ोस खासकर पाकिस्तान व अफगानिस्तान में कई बदलाव हुए हैं जो दक्षिण एशिया को पुराने विवादों और अस्थिरता के केंद्रीय मंच पर धकेल रहे हैं।"
एंटनी ने कहा कि वर्तमान में कोई भी ऐसा राष्ट्र नहीं है जो आतंकवाद से प्रभावित नहीं और जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सक्रियता से शामिल नहीं है।
एंटनी का यह बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की लचर राजनीतिक स्थिति को देखते हुए वह 'इस्लामाबाद में किससे बात करें'।
विवादों के स्वरूप में हुए बदलावों पर एंटनी का कहना है, "यद्यपि सीमा से संबंधित मुद्दे प्राथमिक हैं, लेकिन ऐतिहासिक मतभेद, वैचारिक पूर्वाग्रह, आर्थिक असमानता, धार्मिक पूर्वाग्रह, ऊर्जा सुरक्षा और जल की कमी जैसे अन्य मुद्दे भी विवाद के कारण हैं।"
रक्षा मंत्री ने कहा, "आज के विवाद केवल राज्यों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि इसमें उप-राष्ट्रीयता, आतंकवाद और विद्रोह, धार्मिक कट्टरपंथ और जातीय हित भी शामिल हो गए हैं।"
आतंकवादियों की धमकियों का उल्लेख करते हुए एंटनी ने कहा कि पारंपरिक सशस्त्र सेनाओं को ऐसे गैर पारंपरिक ताकतों से आगे रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच अधिक तालमेल का आह्वान किया
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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