लिब्रहान रिपोर्ट के मामले पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार से लिब्रहान आयोग की जांच रिपोर्ट संसद में पेश करने की मांग करते हुए सोमवार को उस पर करारा हमला बोला। इस रिपोर्ट में 1992 के विवादित ढांचे के विध्वंस के मामले में कथित तौर पर उसके नेताओं दोषी ठहराया गया है।
भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी की अगुवाई में तथा संसद से बाहर भी सरकार पर इस रिपोर्ट को लीक कराने का आरोप लगाया ताकि बुधवार से झारखण्ड में शुरू होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व विपक्ष को बांटा जा सके।
आडवाणी ने कहा, "यह रिपोर्ट पिछले अधिवेशन में क्यों नहीं पेश की गई जब हम इसकी मांग करते रहे। हमें कहा गया कि रिपोर्ट कार्रवाई रिपोर्ट के साथ पेश की जाएगी। हमारी मांग है कि जांच रिपोर्ट कार्रवाई रिपोर्ट के साथ आज ही पेश की जाए।"
आडवाणी ने रिपोर्ट में वाजपेयी का नाम आने पर हैरानी जताई उन्होंने कहा, "मैंने जिस नेता (वाजपेयी) के नेतृत्व में जीवन भर काम किया, उनके बारे में भी रिपोर्ट में कहा गया और इसीलिए मैंने यहां खड़े होने का फैसला किया। वाजपेयी जी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। मेरा या मेरी पार्टी का नाम आए तो उसे मैं चुनौती के रूप में स्वीकार करुंगा लेकिन वाजपेयी जी का नाम लिए जाने से मैं स्तब्ध हूं।"
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के साथ जुड़ने को वह खुद का सौभाग्य मानते हैं।आडवाणी ने कहा, "मैं अयोध्या आंदोलन से जुड़कर खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण में मेरी जीवन की साध है। जब तक रहूंगा इसके लिए काम करता रहूंगा।"
उन्होंने कहा कि छह दिसंबर, 1992 की घटना उनके जीवन की सबसे दुखद घटना है और यह बात उन्होंने आयोग के समक्ष भी कही थी।
संसद के बाहर भी भाजपा नेताओं ने इस मसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा के नेता वैंकेया नायडू ने कहा, "सरकार को लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट और कार्रवाई रिपोर्ट तत्काल सदन में पेश करनी चाहिए। हम चर्चा कराना चाहते हैं। हम इसके लिए राजी हैं। वे लोग छह महीने तक शांत क्यों रहें?"
उन्होंने कहा, "सरकार को हमें बताना होगा कि रिपोर्ट कैसे लीक हुई। हमारा मानना है कि यह सरकार की साजिश है, क्योंकि कई मसलों पर विपक्ष उसे घेर रहा था।" पिछले सप्ताह गरीब गन्ना किसानों के आंदोलन ने संसद का कामकाज प्रभावित किया था। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को भी गैर कांग्रेसी दल आड़े हाथों ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मसले में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को दोषी ठहराने की बात सुनकर स्तब्ध हैं।
भाजपा नेता राजीव प्रताप रूढी ने कहा, "इस रिपोर्ट को प्रकाशित होने में 17 साल लगे। इसकी विषयवस्तु कोई नहीं जानता था। हम भी इसका ब्यौरा जानना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश का ध्यान बढ़ती महंगाई जैसे ठोस मसले से हटाने के लिए इसे 'चुनिंदा ढंग से लीक' किया है।
रिपोर्ट को संसद में पेश करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा, "हम इसके लिए तैयार हैं..कांग्रेस ऐसा करने से क्योंकि हिचकिचा रही है।"
भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, "इसे राजनीतिक मकसद से लीक किया गया है। सरकार को पूरी रिपोर्ट सदन में पेश करनी चाहिए, हम उस पर चर्चा करेंगे।"
उल्लेखनीय है कि सोमवार को एक अंगेजी दैनिक ने आयोग की जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित भाजपा के नेताओं को दोषी ठहराया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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