राजस्थान में 46 स्थानीय निकायों के लिए सोमवार को मतदान
राज्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. पाण्डे ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर एवं दवाब के मतदान करने जाएं। कमजोर वर्ग को स्वतंत्र रूप से मतदान कराने के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के लिए संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। गड़बड़ी की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष पुलिस बल की व्यवस्था है। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में एरिया, जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
मतदान केन्द्र के 100 मीटर क्षेत्र में मोबाइल फोन लेकर चलने पर प्रतिबंध है। मतदान दिवस पर आर्म्स एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियार लेकर चलने, प्रदर्शित करने या प्रयोग करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा ।
मतदान के लिए 6 हजार 2 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। सभी मतदान केन्द्रों पर इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से मतदान कराया जाएगा।
राज्य में पहली बार निकाय प्रमुखों के चुनाव मतदाता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किए जाने के कारण प्रत्येक मतदान केन्द्र पर दो इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन स्थापित की जाएगी। एक मशीन पर निकाय प्रमुखों के नाम व चुनाव चिन्ह अंकित होंगे तथा दूसरी मशीन पर वार्ड मेम्बरों के नाम व चुनाव चिन्ह मतपत्र की तरह अंकित होंगे। मतदाता को दोनों मशीनों पर अपना वोट अपने इच्छित उम्मीदवार के सामने वाले नीले बटन को दबाकर करना है।
मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग के लिए मतदान केन्द्र पर मतदाता फोटो पहचान पत्र के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करनी होगी। फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहने पर मतदाता आयोग द्वारा निर्धारित 17 अन्य दस्तावेज के माध्यम से भी अपनी पहचान स्थापित करा सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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