परमाणु समझौते पर ओबामा की मुहर चाहता है भारत : मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने रविवार को अपना दौरा शुरू करने के पूर्व न्यूजवीक के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "भारत को इस बात पर जरा भी शक नहीं है कि अमेरिका इस ऐतिहासिक परमाणु समझौते का सम्मान नहीं करेगा, लेकिन हम ओबामा प्रशासन से इस मामले में एक सकारात्मक पुनर्पुष्टि कराना चाहेंगे कि समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।"
मनमोहन सिंह ने अपने दौरे के उद्देश्यों के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "सबसे पहले तो यह कि अमेरिका के साथ परमाणु सहयोग को लेकर हमारे बीच एक निर्णायक और ऐतिहासिक समझौता हुआ है। हम इसे क्रियान्वित करना चाहेंगे और यह सुनिश्चित कराना चाहेंगे कि परमाणु समझौते के उद्देश्यों को पूरी तरह क्रियान्वित किया जाए।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हम अमेरिका को इस मुद्दे पर राजी कर सकते हैं कि जब वह हमे दोहरे इस्तेमाल की प्रौद्योगिकियों को हस्तांतरित करे तो अधिक उदारता बरते। चूंकि अब हम रणनीतिक साझेदार हैं लिहाजा इन प्रतिबंधों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह उस परमाणु समझौते पर अमेरिकी मंजूरी को लेकर चिंतित हैं, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश ने हस्ताक्षर किया था और उसे मंजूरी के लिए कांग्रेस के पास भेज दिया था, इस पर मनमोहन सिंह ने कहा, "हम इस मामले को लेकर जरा भी चिंतित नहीं हैं, लेकिन समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर हम ओबामा प्रशासन से एक सकारात्मक मंजूरी चाहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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