मंदिर जहां सिर्फ महिलाएं ही करती हैं पूजा
लखनऊ, 22 नवंबर (आईएएनएस)। हमारे मंदिर न तो जाति-पाति, न धर्म-सम्प्रदाय और न ही लिंग का अंतर करते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां पुरुषों के साथ भेदभाव बरता जाता है। यहां केवल महिलाएं ही जाती हैं और पूजा अर्चना करती हैं। किसी पुरुष ने यदि प्रवेश किया तो उसे इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।
बनारस से सटे उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के शहर सकलडीहा में एक मंदिर है जो 120 साल पुराना है। संत श्रीपथ की याद में यह मंदिर स्थापित हुआ था। कहा जाता है कि श्रीपथ ने बेटियों के विजय और बेटों के हार की कामना की थी।
सकलडीहा में पिछले 65 वर्षो से रह रही जमुनी कांता आईएएनएस से बातचीत में कहती हैं, "जब से मैंने होश संभाला है तब से इस मंदिर में सिर्फ महिलाएं और लड़कियां ही जाती हैं। संत की आध्यात्मिक शक्तियों पर आस्था रखने वाली अधिकांशत: महिलाएं यहां समूह में आती हैं और हवन-पूजन करती हैं।"
स्थानीय लोगों के मुताबिक आस पास के क्षेत्रों की महिलाएं भी यहां पूजा अर्चना करने को आती हैं। पुरुष वहां नहीं जाते क्योंकि यह मान्यता है कि पुरुषों के इस मंदिर में प्रवेश से उनकी किस्मत बिगड़ जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भी किसी पुरुष ने मंदिर में प्रवेश किया, उसके साथ कुछ न कुछ बुरा ही हुआ।
स्थानीय महिला जगरानी देवी बताती हैं, "अधिकांश मौकों पर देखा गया है कि मंदिर में जाने वाले पुरुषों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हुई हैं। पुरुष अपने परिवार की महिला सदस्यों के साथ आते जरूर हैं लेकिन मंदिर में प्रवेश नहीं करते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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