भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों ने पुनर्वास के लिए बनाई मानव श्रृंखला
गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति के आह्वान पर रविवार को बीमारियों से जूझ रहे बच्चों और छात्रों ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र के सामने मानव श्रृंखला बनाकर केंद्र और राज्य सरकारों के उपेक्षापूर्ण रवैए पर जमकर रोष जताया।
इस मौके पर समिति की संयोजक साधना कर्णिक प्रधान ने कहा कि बच्चे और छात्र भी बीमारी का शिकार हैं। उन पर एक तरफ बीमार माता पिता की जिम्मेदारी है, दूसरी ओर अपना भविष्य संवारने की चुनौती है। इस स्थिति में उन्हें पढ़ाई की बजाय रोजगार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गैस राहत अस्पतालों द्वारा पीड़ित परिवारों के बच्चों का इलाज नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गैस कांड के समय प्रभावित बच्चे आज युवा हो चुके हैं और भारी काम करने में असमर्थ हैं। उनका अस्पतालों में इलाज जारी है। इस कारण गैस पीड़ित परिवारों को आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
समिति की मांग है कि स्मारक से ज्यादा जरूरी बच्चों का भविष्य है लिहाजा सरकार इस दिशा में पहल करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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