चावल आयात करने के सरकार के फैसले में पारदर्शिता नहीं : माकपा
पार्टी के मुखपत्र गणशक्ति में छपे एक संपादकीय में चावल के उत्पादन में आई कमी पर केंद्र सरकार के लचीले रवैये की आलोचना की गई है। प्रभावित चावल किसानों को मदद न पहुंचाने के लिए भी पार्टी ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
संपादकीय के मुताबिक, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और कृषि मंत्री शरद पवार ने देश की जनता को लगातार आश्वासन दिया है कि देश में खाद्यान्नों की कोई कमी नहीं है और इसे लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।"
संपादकीय में कहा गया है, "वास्तव में सरकार पिछले कुछ महीनों से चावल आयात करने की तैयारी कर रही है। इस बारे में सरकार के रुख में पारदर्शिता का अभाव है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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