असम में 2 विस्फोट, 7 मरे, 55 घायल (लीड-3)
पुलिस के मुताबिक दोनों विस्फोट 20 मिनट के अंतराल पर हुए। पहला विस्फोट सुबह करीब 10 बजे हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "विस्फोटों में सात लोग मारे गए हैं और 50 से अधिक घायल हुए हैं।"
अधिकारियों का कहना है कि विस्फोटों के पीछे प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) का हाथ हो सकता है। उल्फा के दो स्वयंभू नेताओं को इसी महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले पुलिस ने तीन विस्फोटों का दावा किया था।
पहला विस्फोट नलबाड़ी थाने के बाहर सुबह 10 बजे हुआ और दूसरा विस्फोट इसके 20 मिनट बाद करीब 10.20 बजे एक बाजार के निकट हुआ। अधिकारी ने कहा, "दोनों बम थैले में थे और साइकिल में रखे गए थे।"
नलबाड़ी के जिला पुलिस प्रमुख जितमोल डोले ने कहा, "विस्फोटक साइकिलों में फिट किए गए थे।"
विस्फोट के ज्यादातर शिकार दुकानदार और वेंडर बने हैं। विस्फोट स्थल के करीब रविवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। पुलिस का दावा है कि दोनों विस्फोटों के पीछे उल्फा का हाथ है।
एक प्रत्यक्षदर्शी अंकुर दास ने कहा, "विस्फोट के बाद अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। जो लोग पहले विस्फोट के बाद मौके पर पहुंचे थे, वे दूसरे विस्फोट में घायल हो गए।"
यद्यपि, उल्फा के स्यवंभू कमांडर हीरा सरानिया ने स्थानीय मीडिया को फोन कर कहा कि इन विस्फोटों के पीछ उल्फा का हाथ नहीं है। उसने कहा, "हमने नलबाड़ी में विस्फोट नहीं किए हैं। यह उल्फा और सरकार के बीच शांति वार्ता के प्रयासों में बांधा पहुंचाने की एक कोशिश है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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