ईरान के रिवोल्युशनरी गार्डो का युद्धाभ्यास
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार पांच दिनों के सैन्य अभ्यास में गोलाबारी क्षमता के परीक्षण और किसी भी संभावित हमले से देश के परमाणु स्थलों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
देश के परमाणु स्थलों पर इजरायल के हमले की आशंका के बाद से ईरान के युद्धाभ्यासों की संख्या काफी बढ़ी है।
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद पहले भी कई बार दावा कर चुके हैं कि कोई भी देश ईरान पर हमला करने और उसकी सैनिक ताकत को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकता।
तेहरान का यह भी कहना है कि उसकी सैनिक तैयारी किसी अन्य देश पर हमला करने के लिए नहीं वरन अपनी सुरक्षा के लिए है। परंतु पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान शहाब-3 मिसाइलों से इजरायल पर हमला कर सकता है। इन मिसाइलों की पहुंच इजरायल के हर हिस्से तक है।
तेहरान ने इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले से इंकार नहीं किया है लेकिन कहा कि यह केवल उसके परमाणु संयंत्रों पर इजरायल के हवाई हमले के जवाब में ही होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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