भूमि अधिग्रहण विधेयक पर ममता बनर्जी से मिली मेधा पाटकर
सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के एजेंडे में भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक और पुनर्वास विधेयक को प्रस्तावित नए कानून के रूप में शामिल किया है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को भूमि अधिग्रहण विधेयक के उन पहलुओं पर आपत्ति है जो औद्योगिक घरानों को यह सुविधा मुहैया कराते हैं कि वह औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 70 प्रतिशत भूमि सीधे किसानों व भूस्वामियों से अधिग्रहित करे और बाकी 30 प्रतिशत भूमि राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाएगी।
टाटा की नैनो कार परियोजना के खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिंगूर में लंबे समय तक आंदोलन का नेतृत्व कर चुकीं बनर्जी ने संसद के पिछले सत्र के दौरान इस विधेयक पर अपने विचारों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अवगत कराया था।
पाटकर ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक में सार्वजनिक उद्देश्य की परिभाषा असंदिग्ध होनी चाहिए और उसमें निजी हित के शामिल होने की कोई गुंजाइश नहीं बचनी चाहिए। पाटकर ने कहा है कि कंपनियों के लिए भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications