बिहार में आईपीएस अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ेगी
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक नक्सल प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के नक्सलियों के निशाने पर होने की खबर पुलिस मुख्यालय को भी है।
पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी की मानें तो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अधिकतर पुलिसकर्मी नक्सलियों के निशाने पर होते हैं। ऐसे में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था की बराबर निगरानी की जा रही है।
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल के कई गांवों में पोस्टर चिपका कर पुलिस अधीक्षक विकास वैभव को एक नक्सली को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लगाते हुए उन्हें जन अदालत लगाकर सजा देने का ऐलान किया है।
ज्ञात हो कि बिहार के लोहरदगा जिले (अब झारखण्ड) में वर्ष 2000 के अक्टूबर माह में वहां के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह की तथा वर्ष 2005 में मुंगेर जिले के पुलिस अधिकारी सुरेंद्र बाबू खड़गपुर में नक्सली हमले में शहीद हो चुके हैं।
मालूम हो कि नवंबर 2005 से अब तक नक्सली हमले में राज्य के 95 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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