चिदंबरम से मिले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, शरणार्थियों की वापसी पर चर्चा
अगरतला में एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया कर्मियों को बताया, "केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार के साथ एक आवश्यक बैठक की और जनजातीय शरणार्थियों को त्रिपुरा से मिजोरम वापस भेजने के मसले पर चर्चा की।"
अधिकारी ने कहा, "बैठक के दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने जनजातीय शरणार्थियों के लंबे समय से राज्य में रहने के कारण और हाल के जातीय संघर्ष के बाद जनजातियों के मिजोरम से भाग कर त्रिपुरा में आने के कारण राज्य में उठ खड़ी हुई सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के बारे में जानकारी दी।"
इस बीच नई दिल्ली की एक संस्था, एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स (एसीएचआर) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह पिछले सप्ताह मिजोरम में एक मिजो युवक की हुई हत्या के मामले की तथा वहां हुई जातीय हिंसा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का आदेश जारी करे।
ज्ञात हो कि 35,000 से अधिक की संख्या में रींग जनजाति समुदाय के शरणार्थी उत्तरी त्रिपुरा में स्थित छह शिविरों में 1997 से ही शरण लिए हुए हैं। मिजोरम में बहुसंख्यक मिजो समुदाय के साथ हुए जातीय संघर्ष के बाद वे वहां से पलायन कर गए थे।
रींग शरणार्थियों की मिजोरम वापसी जटिल हो गई है, क्योंकि पिछले सप्ताह मिजो समुदाय के एक युवक की हत्या के बाद पश्चिमी मिजोरम में हिंसक भीड़ ने रींग जनजातियों के लगभग 500 घरों को जला दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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