कोहरे से निपटने के लिए ज्यादा पायलटों को प्रशिक्षण
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (आईजीआईए) पर कोहरे के कारण पिछले साल सैकड़ों उड़ाने रद्द की गई थीं। एयर इंडिया के अलावा घरेलू एयरलाइनों के पास कैट 3 श्रेणी के प्रशिक्षित पायलट नहीं थे।
पायलट कैट 3 श्रेणी की लैंडिंग तकनीक से प्रशिक्षित होने पर कम दृश्यता वाली परिस्थितियों में भी वे विमान उड़ा सकते हैं।
एयरलाइन अधिकारियों के अनुसार घरेलू क्षेत्र में कैट 3 तकनीक से उड़ने वाले विमानों की संख्या पिछले साल 162 से बढ़कर 206 तक पहुंच गई है।
वर्तमान में एयर इंडिया के पास कैट 3 श्रेणी के 75 प्रशिक्षित पायलट हैं जबकि इसके पास इतने ही विमान हैं। इसी प्रकार किंगफिशर एयरलांइस के पास 35 और स्पाइसजेट के पास केवल 19 कैट 3 तकनीक में प्रशिक्षित पायलट हैं।
निजी एयरलाइनों में अग्रणी जेट एयरवेज और जेटलाइट के पास कैट 3 श्रेणी के कम प्रशिक्षित पायलट हैं। जेट एयरवेज के पास घेरलु उड़ानों के लिए कुल 52 विमान हैं जबकि उसके पास केवल 40 प्रशिक्षित पायलट हैं। जेटलाइट के पास 17 विमानों को उड़ाने के लिए केवल सात प्रशिक्षित पायलट हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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