पैसा लेकर आवास निर्माण न करने पर कार्रवाई
राज्य के ग्रामीण विकास विभाग का भी मानना है कि राज्य में ऐसे हजारों लाभार्थी हैं जिन्होंने इंदिरा आवास के लिए राशि तो पारित करवा ली लेकिन उन्होंने घर नहीं बनवाए हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में वर्ष 2006 से सितंबर 2009 तक 12,70,960 इंदिरा आवासों का निर्माण हो पाया है जबकि 10,08,011 ऐसे आवास हैं जो अब भी अधूरे हैं।
विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें आयी हैं जिसमें लाभार्थी ने पैसे तो ले लिये लेकिन आवास का निर्माण नहीं हो पाया है।
राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश ने शनिवार को बताया," सरकार ने इंदिरा आवास योजना की राशि के दुरुपयोग को काफी गंभीरता से लिया है। आवास निर्माण न करने वाले लोगों को दो नोटिस भेजे जाएंगे। यदि इसके बाद भी वे आवास नहीं बनवाते हैं तो उनपर मुकदमा दर्ज करते हुए राशि वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।"
विजय प्रकाश ने बताया कि इसके लिए प्रमण्डलीय आयुक्त, जिलाधिकारी समेत उप विकास आयुक्त और प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है।
विभाग के एक अन्य अधिकारी के अनुसार विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि इंदिरा आवास के उन लाभार्थियों को जिन्होंने पैसे लेने के छह महीने बाद भी आवास नहीं बनाये हैं या राशि का दुरुपयोग किया है उनकी सूची तैयार की जाए। उल्लेखनीय है कि एक इंदिरा आवास के लिए लाभार्थी को 35,000 रुपए दिये जाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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