झारखंड में नक्सलियों का तांडव जारी, रेल विस्फोट में 2 की मौत (लीड-2)
अलग-अलग घटनाओं में नक्सलियों ने लगभग 20 ग्रामीणों को अगवा कर लिया, यात्रियों से भरी एक बस पर गोलीबारी की और सरकारी स्वामित्व वाली लोहे की एक खदान में बम विस्फोट किया।
ज्यादातर घटनाएं पश्चिम सिंहभूम जिले में घटी हैं। ये घटनाएं प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) पर सरकार द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध स्वरूप आयोजित 24 घंटे के बंद के दौरान घटी हैं।
हिंसा का दौर गुरुवार की रात 9.30 बजे से शुरू हुआ। नक्सलियों ने टाटानगर-बिलासपुर यात्री रेलगाड़ी को उस समय उड़ा दिया, जब वह पश्चिम सिंहभूम के एक जंगली इलाके से गुजर रही थी। इस हमले में दो यात्रियों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। रेलगाड़ी की छह बोगियां पटरी से उतर गईं।
पुलिस के अनुसार यह घटना मनोहरपुर और पोसैता रेलवे स्टेशनों के बीच घटी। नक्सलियों को लगा था कि ट्रेन में अर्धसैनिक बलों के सैंकड़ों जवान सवार हैं जिन्हें राज्य में 25 नवंबर से होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यहां तैनाती के लिए लाया जा रहा है।
इस घटना के बाद आधा दर्जन रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया।
कोल्हन क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज मिश्रा ने कहा, "कुछ ही अंतराल पर दो विस्फोट हुए। दोनों विस्फोटों में 35 से 40 किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया।"
नक्सलियों ने शुक्रवार सुबह एक बस और लौह अयस्क की खदान को भी निशाना बनाने की कोशिश की।
नक्सलियों ने शुक्रवार पश्चिमी सिंहभूम जिले में दरोगासाई गांव में छापेमारी की और वहां से 20 लोगों को अगवा कर लिया।
पुलिस ने भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) की किरीबुरु स्थित खदान में रखे 20 किलोग्राम के बम को निष्क्रिय कर दिया। नक्सलियों ने एक बस पर भी गोलीबारी की लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
राज्य पुलिस के प्रवक्ता वी. एच. देशमुख ने आईएएनएस से कहा, "कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने इस गांव से बम और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। हमारी सूचना के मुताबिक नक्सली ग्रामीणों को धमका रहे हैं कि वे पुलिस के साथ सहयोग न करें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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