न तो अध्यक्ष तय हुआ है और न आडवाणी का इस्तीफा देना : वेंकैया
पूर्व भाजपा अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार देर शाम एक बयान जारी कर कहा, "भाजपा और आरएसएस परस्पर एक विचारधारा से बंधे हुए हैं, लेकिन संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से हम स्वतंत्र हैं। हम आपसी और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर आपस में चर्चा करते हैं लेकिन जब तक कि सलाह न मांगी जाए आरएसएस हमें कोई सलाह नहीं देता।"
उन्होंने कहा, "पार्टी के अगले अध्यक्ष के लिए भाजपा में कई नामों पर चर्चा हो रही है। आरएसएस द्वारा इस बारे में न तो कोई सुझाव दिया गया है और न ही किसी का नाम खारिज किया गया है। अध्यक्ष को लेकर बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। उचित समय पर इस बारे में हम सर्वसम्मति से फैसला करेंगे।"
नायडू ने कहा, "मीडिया में इस प्रकार की खबरें भी आई हैं कि आरएसएस चाहता है कि लालकृष्ण आडवाणी नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा दें और उसने इसके लिए एक समयसीमा भी तय कर दी है। यह पूरी तरह गलत है। यह सिर्फ अटकलबाजी है।"
उन्होंने कहा, "15वीं लोकसभा के लिए नेता प्रतिपक्ष के पद पर आडवाणी का चयन हुआ है। उन्होंने हमें कहा है कि वह 15 वीं लोकसभा के पूरे कार्यकाल यानी पांच सालों तक इस पद पर बने रहना नहीं चाहते हैं और वह इस जिम्मेदारी को अपने अन्य सहयोगी को सौंपना चाहते हैं। पार्टी उनका नेतृत्व और मार्गदर्शन चाहती है। इस बारे में समय और उत्तराधिकारी के रूप में उनकी पसंद को पार्टी स्वीकार करेगी।"
नायडू ने उन खबरों का भी खंडन किया जिनमें यह कहा जा रहा है कि संघ ने यह भी तय कर दिया है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, लोकसभा में भाजपा की उपनेता सुषमा स्वराज, वह खुद और पार्टी महासचिव अनंत कुमार में से कोई भी पार्टी का अगला अध्यक्ष नहीं बनेगा।
उन्होंने कहा, "आरएसएस ने ऐसा कुछ भी तय नहीं किया है। जहां तक रही मेरी बात तो मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैंने अपने सहयोगियों को बता दिया है कि मैं अब अध्यक्ष बनना नहीं चाहता और न ही मैं इस दौड़ में हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications