कराची में नहीं है मुल्ला उमर : पाकिस्तान (लीड-1)
समाचार एजेंसी ऑनलाइन के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने एक निजी टीवी चैनल के साथ शुक्रवार को बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि उमर कराची में नहीं है।
बासित ने कहा कि यदि किसी को मुल्ला उमर के ठिकाने के बारे में जानकारी हो तो उसे सनसनीखेज पत्रकारिता का विषय बनाने के बदले पाकिस्तानी अधिकारियों को उसके बारे में बताना चाहिए।
बासित ने इस बात से भी इंकार किया कि उमर को कराची में छुपा कर रखने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ है। बासित ने कहा कि द वाशिंगटन टाइम्स की रिपोर्ट पाकिस्तान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कुप्रचार का हिस्सा है।
ज्ञात हो कि अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्र द वाशिंगटन टाइम्स ने शुक्रवार को खबर दी है कि तालिबान प्रमुख मुल्ला उमर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की मदद से कराची में निवास कर रहा है।
मुल्ला उमर ने ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के अन्य नेताओं को उस समय पनाह दी थी, जब उन्होंने अमेरिका में 9/11 के हमले की साजिश रची थी। मुल्ला उमर अफगानिस्तान के क्वे टा में रह रहा था। अफगानी तालिबान का शूरा (परिषद) वहीं पर स्थित था। लेकिन अमेरिका ने जब वर्ष 2001 में अफगानिस्तान पर हमला किया तो वह कंधार को छोड़ कर अन्यत्र चला गया।
अमेरिकी खुफिया विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों और सीआईए के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने द वाशिंगटन टाइम्स को बताया है कि मुल्ला उमर, रमजान महीने की समाप्ति के बाद पिछले महीने कराची चला गया।
अधिकारियों ने कहा है कि मुल्ला उमर ने कराची में एक नई वरिष्ठ नेतृत्व परिषद का उद्घाटन किया। समाचार पत्र के अनुसार पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी रिपोर्ट से वे चकित हैं।
सीआईए के वरिष्ठ अधिकारी रहे और अलकायदा व तालिबान मामलों के विशेषज्ञ ब्रुस रीडेल ने इस बात की पुष्टि की है कि मुल्ला उमर हाल में कराची में देखा गया था।
अफगानिस्तान व पाकिस्तान पर ओबामा की नीति की समीक्षा प्रक्रिया का नेतृत्व कर चुके रीडेल ने कहा है, "कुछ सूत्र दावा करते हैं कि आईएसआई ने अमेरिकी ड्रोन हमले से मुल्ला उमर को बचाने के लिए युद्धग्रस्त इलाके से हटाने का फैसला किया।"
रीडेल ने कहा है, "कराची में बड़ी संख्या में मदरसे स्थित हैं, जहां मुल्ला उमर को आसानी से रखा जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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