तिहाड़ जेल में स्थापित होगा बायोटेक प्लांट, कूड़े से बनेगी बिजली
तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें जेल के अंदर ही कूड़े और लकड़ी के बुरादे से बिजली बनाने का प्रस्ताव जेल प्रशासन के सामने रखा गया है। इसके लिए जेल परिसर के अंदर बायोटेक प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है।"
तिहाड़ जेल की बैरकों में लग रहे कचरे के ढेर को और जेल फैक्ट्री से निकलने वाले कचरे को संज्ञान में लेते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जेल प्रशासन के पास प्रस्ताव भेजा है जिसमें जेल के अंदर ही बायोटेक प्लांट बनाकर कूड़े कचरे और लकड़ी के बुरादे का उपयोग बिजली बनाने में किया जाएगा।
प्रवक्ता का कहना है कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के इस प्रस्ताव को जेल प्रशासन की हरी झंडी का इंतजार है, जिसके बाद जेल परिसर में यह बायोटेक प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रवक्ता का कहना है कि इस प्लांट के स्थापित हो जाने के बाद जेल प्रशासन अपनी बिजली का उपयोग कर सकेगा। आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न होने पर जेल प्रशासन इसको बेचकर कमाई भी कर सकेगा। इस बायोटेक प्लांट के स्थापित होने के बाद जेल प्रशासन के सामने गैस की भी बचत होने की भी संभावना है।
उल्लेखनीय है कि जेल में बिजली की खपत को देखते हुए जेल प्रशासन की तरफ से 'अर्थ आवर' मनाया जा रहा है। इसके तहत जेल में सुबह और शाम दो-दो घंटे बिजली की कटौती की जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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