मुजीब के फरार हत्यारों को तलाश रही है बांग्लादेश सरकार
वर्ष 1975 में हुए इस हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाए जेल में बंद पांच पूर्व सैन्य अधिकारियों की याचिका अस्वीकार किए जाने के बाद इस समय यह मामला बांग्लादेश सरकार के एजेंडा में फिर शीर्ष पर है। सजा पाए छह अन्य अधिकारी फरार बताए गए हैं।
समाचार पत्र 'डेली स्टार' ने शुक्रवार को खबर दी है कि फरार छह आरोपी लीबिया, अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान और केन्या में पनाह लिए हुए हैं। सातवें सैन्य अधिकारी की जिम्बाबवे में मौत हो चुकी है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को उसकी भी मृत्युदंड की सजा की पुष्टि कर दी है।
इस हत्याकांड में छह वांछित व्यक्तियों में लेफ्टिनेंट कर्नल खांडेकर अब्दुर राशिद, लेफ्टिनेंट कर्नल शरीफुल हक दालिम, लेफ्टिनेंट कर्नल नूर चौधरी, लेफ्टिनेंट कर्नल ए.एम.रशीद चौधरी, कैप्टन अब्दुल मजीद व रिसालदार मोसलेहुद्दीन खान शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
जो लोग अगस्त 1975 में शेख मुजीबुर रहमान और उनके परिवार की हत्या की साजिश में शामिल थे, उन सभी को उसी वर्ष के अक्टूबर महीने में तत्कालीन राष्ट्रपति खांडेकर मुश्ताक अहमद ने मामले से बरी कर दिया था।
मुजीब के कुछ हत्यारों को सैन्य शासकों, जियाउर रहमान और एच.एम.इरशाद की सरकारों द्वारा राजनयिक जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
अवामी लीग की वर्तमान सरकार ने कहा है कि वह मामले में दोषी पाए गए पूर्व सैन्य अधिकारियों को पकड़ने के लिए विदेशी सरकारों को पत्र लिखेगी और इंटरपोल की मदद लेगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार को फरार अधिकारियों के ठिकानों के बारे में जानकारी है, इस पर गृह मंत्री सहरा खातून ने कहा, "वे बराबर एक देश से दूसरे देश में अपना ठिकाना बदलते रहते हैं, जिसके कारण उन्हें ढूढ़ने में समस्याएं आ रही हैं।"
खबर के मुताबिक हत्याकांड का एक प्रमुख साजिशकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल राशिद, लीबिया के बेनगाजी में बस गया है। वहां वह निर्माण व्यापार से जुड़ा हुआ है। वह अक्सर पाकिस्तान और सिंगापु़र का दौरा करता रहता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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