झारखण्ड के जनजातीय मतदाता ईवीएम से करेंगे मतदान
डाल्टेनगंज (झारखण्ड), 20 नवंबर (आईएएनएस)। झारखण्ड के जनजातीय मतदाताओं को ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) तकनीक की कोई जानकारी नहीं है लेकिन इस बार के विधानसभा चुनावों में वे इन्हीं मशीनों की सहायता से अपने वोट देंगे।
डाल्टेनगंज से 35 किलोमीटर दूर स्थित पलामू टाइगर रिजर्व के बाहरी जंगल से जलाऊ लकड़ी इकट्ठी कर अपना जीवनयापन करने वाले ओरांव जनजाति के लोगों को दो साल पहले ही अपने मतदाता पहचान पत्र मिले हैं। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा इन लोगों को संवैधानिक वैधता दिलवाने से पहले तक नक्सल प्रभावित इलाके के इन जनजातीय लोगों को प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में कोई रुचि नहीं थी।
पचास वर्षीय हसुलाल टोप्नो ने कभी भी ईवीएम तकनीक नहीं देखी थी। चार बच्चों के पिता टोप्नो ने आईएएनएस से कहा, "मैं अपने जीवन में पहली बार वोट दूंगा और मैं बहुत उत्साहित हूं। लेकिन मुझे वोटिंग मशीन से डर लग रहा है। मैंने ग्रामीणों से सुना है कि लोगों को अपना वोट एक मशीन में देना होगा। मैं अनपढ़ हूं और मेरी पत्नी व 19 वर्षीय बड़ा बेटा भी पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं।"
डाल्टेनगंज में 23 और 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मेदिनीनगर में ईवीएम प्रदर्शन व चुनाव जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया था, जहां टोप्नो सहित कई जनजातीय लोगों ने ईवीएम का इस्तेमाल करना सीखा था।
पलामू जिला प्रशासन 23 नवंबर से आठ दिसम्बर के बीच यहां विभिन्न इलाकों में ईवीएम प्रदर्शन और जागरूकता शिविरों का आयोजन करेगा।
पलामू के उपायुक्त और मुख्य चुनाव अधिकारी अमिताभ कौशल ने एक कार्यालयीन पत्र में लिखा है, "पांचों विधानसभा क्षेत्रों, साप्ताहिक हाटों और बाजारो में 23 नवंबर से ईवीएम प्रदर्शन और चुनाव जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा।"
पांच विधानसभा क्षेत्रों में पांकी, डाल्टेनगंज, विश्रामपुर, छतरपुर और हुसैनाबाद शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications