15 दिन में 110 किलोमीटर का सफर तय कर पीड़ित महिला पहुंची सरकारी अस्पताल

रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 20 नवंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी दयनीय हालत में हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक महिला को अपने जले हुए हाथों का सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के लिए 110 किलोमीटर का सफर तय करने में 15 दिन लग गए।

रायगढ़ जिले के कापू पुलिस थाने में बाकालो गांव में 25 वर्षीय फूलवती और उसके पति रूपसिंह अपनी झोपड़ी में स्टोव फटने से जल गए थे। उनके घर के आसपास किसी भी तरह के चिकित्सकीय उपचार की सुविधा न होने के कारण एक सप्ताह के बाद रूप सिंह ने दम तोड़ दिया था।

उधर, फूलवती के जले हुए हाथों की स्थिति भी लगातार बिगड़ती गई और उसके समक्ष जिला अस्पताल जाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि उसके घर के आसपास कोई सरकारी अस्पताल नहीं था।

फूलवती ने आईएएनएस को बताया," निजी अस्पताल में इलाज के लिए और बस से यात्रा करने के लिए मेरे पास एक पैसा भी नहीं था। इसलिए 110 किलोमीटर की पदयात्रा कर रायगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती होने के अलावा मेरे सामने कोई अन्य विकल्प नहीं था। मेरे जले हुए हाथों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही थी।"

फूलवती ने कहा," मेरी 15 दिनों की यात्रा के दौरान रास्ते में स्थानीय लोगों ने मेरे भोजन का प्रबंध किया। यहां के एक श्रमिक की मदद से मैं जिला सरकारी अस्पताल पहुंची। यहां एक चिकित्सक ने मेरे सड़ रहे हाथ का इलाज किया। अब मैं पहले से बेहतर महसूस कर रही हूं।"

फूलवती के हाथ का इलाज करने वाले चिकित्सक ए. टिर्की ने कहा," जब वह मेरे पास पिछले सप्ताह इलाज के लिए आई थी, तो उसके जले हुए हाथों में दर्जनों कीड़े पड़े हुए थे। मैंने उसके हाथों का पूरी तरह से इलाज किया। यदि वह और थोड़ा और देर से आती तो वह अपने दोनों हाथ गंवा देती।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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