करज़ई ने दूसरी बार शपथ ली

अफ़ग़ानिस्तान में हामिद करज़ई ने दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली है. चुनाव में भारी धांधली के आरोपों के बीच हामिद करज़ई विजयी घोषित किए गए हैं. शपथ ग्रहण के दौरान अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, ब्रिटेन और फ़्रांस के विदेश मंत्रियों के अलावा अफ़ग़ानिस्तान के विशिष्ट लोग मौजूद थे.
हामिद करज़ई के शपथ लेने को हिलेरी क्लिंटन ने देश के लिए महत्वपूर्ण समय बताया है. इससे पहले हिलेरी क्लिंटन कह चुकी हैं कि अफ़ग़ानिस्तान इस समय एक 'नाज़ुक दौर' से गुज़र रहा है.
चुनौतियाँ
अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति के लंबे चले चुनाव धांधली के आरोपों की वजह से विवाद में घिरे रहे. परिणाम आने के बाद कहा गया था कि हामिद करज़ई को दूसरे दौर के चुनाव के लिए जाना होगा लेकिन उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के मैदान से हट जाने की वजह से करज़ई को दूसरे दौर का चुनाव नहीं लड़ना पड़ा.
वे ऐसे समय में शपथ ले रहे हैं जब उन पर पश्चिमी देशों का सीधा दबाव है कि वे देश में भ्रष्टाचार से निपटें. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सार्वजनिक रुप से कहा है कि हामिद करज़ई को भ्रष्टाचार ख़त्म करना होगा.
इन नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि अगर इस समस्या से छुटकारा नहीं पाया जाता है तो अफ़ग़ानिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता जारी नहीं रखी जा सकेगी. इस शपथ ग्रहण के एक दिन पहले ही ब्रितानी सहायता एजेंसी ऑक्सफ़ैम ने एक सर्वेक्षण के आधार पर कहा है कि वहाँ लोग मानते हैं कि युद्ध की वजह ग़रीबी और बेरोज़गारी है.
हामिद करज़ई ऐसे समय में शपथ ले रहे हैं जब अफ़ग़ानिस्तान में और पड़ोसी देश पाकिस्तान में तालेबान की ताक़त कम होती नहीं दिख रही है और बार-बार ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या विदेशी सेनाओं के लिए अफ़ग़ानिस्तान युद्ध जीतना संभव है? इसी समय अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है.
जैसा कि हिलेरी क्लिंटन ने कहा है, दूसरा कार्यकाल हामिद करज़ई के लिए एक अवसर की तरह है जिसमें उन्हें दिखाना है कि वे अपने लोगों का जीवन सुधारने के लिए क्या कर सकते हैं.












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