कनाडा में राणा के कई संपर्को का पता चला, पत्रकार भाई सदमें में
टोरंटो, 19 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में गिरफ्तार आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा के कनाडा से जुड़े कई संपर्को का पता चला है। इस बात की प्रबल आशंका है कि उसने अपनी आव्रजन परामर्श सेवा की आड़ में आतंकवादियों को अमेरिका और कनाडा में दाखिल होने में मदद की होगी। पिछले साल के मुंबई आतंकवादी हमलों में भी उसकी भूमिका होने का संदेह है।
पााकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर संबंद्ध राणा और उसका साथी डेविड हेडली इन दिनों अमेरिकी जांच एजेंसी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की गिरफ्त में हैं। इन दोनों के मुंबई हमले में शामिल होने की बात सामने आई है।
कनाडा के मीडिया ने बुधवार को उसके परिवार का पता लगा लिया। उसका परिवार ओटावा के एक उपनगरीय इलाके कनाटा में रहता है। यहां वह अपने परिजनों के साथ त्यौहार मनाने आया करता था।
राणा (48) आव्रजन परामर्श सेवा का संचालन करता था। उसने न्यूयार्क और टोरंटो दोनों शहरों में दफ्तर खोल रखे थे। उसे विगत तीन अक्टूबर को डेनमार्क के एक अखबार पर हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उल्लेखनीय है कि इसी अखबार ने वर्ष 2005 में पैगम्बर के विवादास्पद कार्टून छापे थे।
पाकिस्तान में पैदा राणा 1997 में कनाडा आया और वर्ष 2001 में यहां की नागरिकता हासिल कर ली। उसका साथी हेडली भी पाकिस्तानी मूल का है जिसका असली दाऊद गिलानी है।
यहां के प्रमुख समाचार पत्र 'मेल एंड ग्लोब' के मुताबिक कनाडा स्थित उसके घर में उसके पिता, भाई और भाभी रहते हैं। वह शिकागो में अपनी पत्नी समराज अख्तर राणा और दो बेटियों व एक बेटे के साथ रहता था।
राणा का भाई अब्बास पत्रकार है जो ओटावा के 'हिल टाइम्स' समाचार पत्र से जुड़ा है। इस अखबार में 'हिल क्लाइम्बर्स' नाम से उसका स्तंभ काफी लोकप्रिय है।
अखबार के प्रकाशक जिम क्रेस्के ने बताया, "अब्बास ने हमें बताया कि उसे कोई जानकारी नहीं है कि राणा को क्यों गिरफ्तार किया गया है।" उन्होंने कहा कि अब्बास अपने भाई की गिरफ्तारी से सदमे में है।
खबरों में कहा गया है कि राणा ने अपनी आव्रजन परामर्श सेवा की आड़ में संभवत: आतंकवादियों के अमेरिका और कनाडा में घुसने में मदद की।
कनाडा की सुरक्षा खुफिया सेवा से जुड़े एक पूर्व अधिकारी डेविड हैरिस के अनुसार इस बात की आशंका है कि उसने अपने आव्रजन कारोबार का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और कनाडा में आतंकवादियों को प्रवेश दिलाने के लिए किया।
उल्लेखनीय है कि शिकागों में राणा की जमानत याचिका पर सुनवाई अब दो दिसंबर तक लिए टाल दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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