कश्मीर समाधान के लिए त्रिपक्षीय बातचीत हो : मीरवाइज
श्रीनगर, 19 नवंबर (आईएएनएस)। हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुक का कहना है कि हुर्रियत कांफ्रेंस नई दिल्ली के साथ सार्थक बातचीत के माध्यम से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह यह भी चाहती है कि वार्ता में पाकिस्तान को भी शामिल किया जाए।
मीरवाइज ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, "हमें दृढ़ विश्वास है कि बातचीत के द्वारा समाधान निकाला जा सकता है। इसका और कोई रास्ता नहीं है। हम भारत के साथ अर्थपूर्ण बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद में पाकिस्तान एक पक्ष है और इस प्रक्रिया में इस्लामाबाद को शामिल करना जरूरी है क्योंकि भारत और पाकिस्तान या भारत और कश्मीरी नेताओं के बीच हुई पिछली सभी द्विपक्षीय वार्ताएं बेनतीजा रही हैं।
श्रीनगर की जामा मस्जिद के मौलवी मीरवाइज ने कहा, "यदि भारत श्रीनगर, इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच एक त्रिपक्षीय वार्ता स्वीकार करे तो एक 'त्रिकोणीय बातचीत' हो सकती है।"
36 वर्षीय मौलवी उस वक्त केवल 17 साल के थे जब उन्होंने अपने पिता मीरवाइज मौलवी फारुक की अलगाववादी राजनीतिक विरासत को संभाला था। उनके पिता की मई 1990 में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
प्रौद्योगिकी के प्रति जुनूनी और एक मिशनरी स्कूल से पढ़े हुई मीरवाइज कभी भी राजनीमित में शामिल होना नहीं चाहते थे। लेकिन जब वह अपने पिता के पदचिन्हों पर चले तो सभी अलगाववादी राजनीतिक दलों को एक छतरी 'ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेस' के नीचे लाने में कामयाब रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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