सदमे में हैं आतंकवादियों के चंगुल से मुक्त इंजीनियर
गुवाहाटी, 18 नवंबर (आईएएनएस)। प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के आतंकवादियों के चंगुल से एक महीने बाद मुक्त होने वाले आंध्र प्रदेश के 50 वर्षीय इंजीनियर पी.कृष्ण राव अभी तक सदमे में हैं।
एनडीएफबी के आतंकवादियों ने राव को 16 अक्टूबर को अगवा किया था और मंगलवार को पश्चिमी असम के कोकराझार जिले में मुक्त किया गया।
मुक्त होने के बाद राव ने आईएएनएस को बताया, "इस दौरान हमने चार से पांच बार अपनी जगह बदली लेकिन हर बार घने जंगलों में अस्थायी तंबुओं में सोना पड़ा। दो या तीन आतंकवादी चौबीसों घंटे मेरी निगरानी करते थे।"
गुवाहाटी में चिकित्सा परीक्षण के लिए आए राव कमजोर और थके हुए दिखाई दे रहे थे। वह बुधवार को आंध्र प्रदेश के लिए उड़ान पकड़ेंगे।
राव ने कमजोर आवाज में बताया कि आतंकवादियों ने उनके साथ अच्छा व्यवहार किया। उनको खाने के लिए सेब और अन्य फल, रोटी तथा शाकाहारी खाना दिया जाता था लेकिन तनाव के कारण वह कुछ खा नहीं पाते थे।
राव गायत्री कंस्ट्रक्शन कंपनी के परियोजना प्रबंधक थे, जो कोकराझार जिल में चार लेन के राजमार्ग का निर्माण कर रही है।
राव ने कहा, "जब मेरा अपहरण हुआ तो मुझे धक्का लगा और आश्चर्य हुआ। उन्होंने मुझसे कहा कि वे मुझे नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और चाहते हैं कि बोडो जनजाति की स्वतंत्र होमलैंड की उनकी मांग को सुना जाए। संभव है प्रचार पाने के लिए मेरा अपहरण किया गया हो।"
राव ने कहा कि वह एक बार फिर कोकराझार में काम करेंगे। उन्होंने कहा, "हम गरीब लोग हैं और बिना नौकरी के कैसे अपने परिवार को चला पाएंगे।"
राव ने फिरौती दिए जाने के बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उनके मन में असम और अपहृर्ताओं के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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