भारत ने अपने और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की भूमिका खारिज की
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने पत्रकारों से कहा, "भारत सरकार शिमला समझौते के मुताबिक पाकिस्तान के साथ सभी बकाया मुद्दों का हल शांतिपूर्ण बातचीत से निकालने को लेकर प्रतिबद्ध है।"
भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्तों में चीन की भूमिका पर अमेरिका द्वारा सहमति जाहिर करने को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रकाश ने कहा, "एक तीसरे देश की भूमिका न तो परिकल्पित है और न ही इसकी कोई जरूरत है।" अमेरिका और चीन के बीच जारी संयुक्त बयान में इसकी चर्चा की गई है।
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सीमापार आतंकवाद के खतरे को खत्म किए बिना इस्लामाबाद के साथ सार्थक बातचीत नहीं हो सकती।
प्रवक्ता ने कहा, "हम मानते हैं कि पाकिस्तान के साथ सार्थक बातचीत केवल आतंक मुक्त वातावरण में या आतंकी खतरों के समाप्त होने पर ही हो सकती है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीनी राष्ट्रपति हू जिन्ताओ के बीच मंगलवार को हुई बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने "पाकिस्तान और अफगानिस्तान की आतंकवाद से लड़ने, घरेलू स्थायित्व कायम करने और टिकाऊ आर्थिक और सामाजिक विकास को समर्थन और भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार की कोशिशों का समर्थन किया है।"
चीनी राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायित्व और शांति के लिए अमेरिका और चीन दोनों मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।
ओबामा के अतिथि के रूप मनमोहन सिंह के वाशिंगटन जाने के कुछ समय पूर्व आए इस बयान ने नई दिल्ली में चिंताएं बढ़ा दी है।
यद्यपि, संयुक्त बयान का बचाव करते हुए भारत में अमेरिका के राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने इसे एक 'सकारात्मक बयान' करार दिया है।
उन्होंने कहा, "हम चीन का एक समृद्ध और शांतिपूर्ण उदय सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के साथ भारत के साथ हमारा ऐतिहासिक और करीबी रिश्ता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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