कनाडाई प्रधानमंत्री ने स्वर्ण मंदिर की यात्रा की (लीड-1)
अपने सहयोगियों के साथ स्वर्ण मंदिर परिसर पहुंचे हार्पर का सिख धर्म गुरुओं ने भव्य स्वागत किया। काला सूट पहने हार्पर ने अपना सिर सफेद रूमाल से ढक रखा था। उनके साथ पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी स्वर्ण मंदिर पहुंचे।
उन्होंने हरमिंदर साहिब में गुरुग्रंथ साहिब के आगे हाथ जोड़कर प्रार्थना की। हार्पर को केसरिया रंग का एक रूमाल 'सिरौपा' भेंट किया गया था, जिसे एक ग्रंथी ने उनके गले में बांध दिया था।
हार्पर दोपहर में करीब एक बजे स्वर्ण मंदिर परिसर में पहुंचे थे। वह वहां करीब 50 मिनट तक रहे। उन्होंने कई सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति में सबसे पहले इस तीर्थ स्थल की परिक्रमा की।
कनाडाई प्रधानमंत्री के दल के हरमिंदर साहिब के नजदीक जाने और वहां से बाहर आने के दोनों रास्ते खोल दिए गए थे। जबकि यहां पहुंचने वाले नियमित श्रद्धालुओं के लिए एक रास्ता खोला जाता है।
तीन-दिवसीय भारत यात्रा पर आए हार्पर ने यहां बमुश्किल तीन घंटे बिताए। उनका अमृतसर आने का एक सूत्री कार्यक्रम था। इससे पहले पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने राजा सांसी हवाईअड्डे पर हार्पर की अगवानी की और उन्हें स्वर्ण मंदिर ले गए।
स्वर्ण मंदिर परिसर में सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हार्पर की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल के 3,000 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी 'रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस' (आरसीएमपी) की मदद कर रहे थे।
कनाडा, पंजाब से वहां बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासियों का घर है। प्रवासियों में ज्यादातर सिख हैं। कनाडा सरकार ने घोषणा की है 2011 से पंजाबी उनके देश की आधिकारिक मान्यता प्राप्त भाषाओं में शामिल हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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