गिरजाघर को गोवा पुलिस अधिकारी की टिप्पणी पर आपत्ति

गिरजाघर के प्रवक्ता फ्रांसिस्को कैल्डीरा ने आईएएनएस से कहा, "मैं यह देखकर अचंभित हूं कि यह वक्तव्य एक ऐसे व्यक्ति द्वारा दिया गया है जिसे कानून और व्यवस्था का संरक्षक माना जाता है।"

कैल्डीरा ने कहा, "जुआघरों की मंदिरों और गिरजाघरों से तुलना किया जाना निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि शायद बस्सी को धर्म और जुआघर के बीच का फर्क मालूम नहीं है।

ज्ञात हो कि गुरुवार की रात चार पुलिस अधीक्षकों- बास्को जार्ज (उत्तर जिला), आत्माराम देशपांडे (सीआईडी), अरविंद गावास (यातायात) और विश्राम बोरकर (मुख्यालय)- ने दो उपाधीक्षकों और एक निरीक्षक के साथ समुद्र में स्थित कैसीनो पोत, एमवी कैसीनो रॉयल गए थे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उस समय तमाशा का विषय बन गए, जब उन्होंने मीडिया की उपस्थिति में शराबखाने के बंद कमरे से बाहर आने से इंकार कर दिया।

बस्सी ने सोमवार को मंदिर और गिरजाघर जाने को जुआघर जाने जैसा बताया था।

उन्होंने सात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा मनाए गए विवादास्पद जश्न को न्यायोचित ठहराया था। इन सातों अधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता के लिए बुलाए गए पत्रकारों से बचने के लिए स्वयं को एक शराबखाने में बंद कर लिया था। यह घटना 12 नवंबर को 'एमवी कैसीनो रॉयल' जुआघर में घटित हुई थी।

पुलिस अधीक्षक बोस्को जॉर्ज का कहना है कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने उनके जुआ घर जाने का समर्थन किया है और उनका कहना है कि ये पत्रकार थे जो जुआघर में खा-पीकर हंगामा कर रहे थे।

बस्सी की टिप्पणी की कड़ी आलोचना हुई है। विपक्ष के नेता मनोहर पार्रिक्कर ने बस्सी की असंवेदनशील और अनुचित टिप्पणी के लिए उन्हें कार्यालय से बर्खास्त करने की मांग की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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