'राणा को वीजा देने में नियमों का उल्लंघन नहीं'
शिकागो, 18 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी तहव्वुर राणा को वीजा जारी करने की हो रही जांच के बीच शिकागो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि राणा को वीजा देते समय किसी भी प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं किया गया था।
दूतावास संबंधी सेवाओं के प्रभारी विश्वास सप्कल ने आईएएनएस से कहा, "यहां भारत के महावाणिज्य दूत ने राणा और उसकी पत्नी को उस प्रक्रिया के तहत वीजा जारी किया था जो पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को वीजा देने के लिए मौजूद है। उसे वीजा देते समय सभी दस्तावेजों की तहकीकात की गई थी और सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था। वीजा जारी करने के लिए भारत सरकार के किसी भी नियम या नियामक का उल्लंघन नहीं हुआ था। यही प्रक्रिया वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में वर्षो से अपनाई जा रही है।"
सप्कल ने उस प्रक्रिया का भी हवाला दिया जिसके तहत पाकिस्तान में जन्में और कनाडा के नागरिक राणा एवं एक महिला को वीजा दिया गया था। भारतीय राजनयिक के मुताबिक महिला समराज राणा इस संदिग्ध आतंकवादी की पत्नी है। दोनों के वीजा 31 अक्टूबर, 2008 से 30 अक्टूबर, 2009 तक वैध थे।
वैसे अमेरिका में भारतीय समुदाय के नेताओं ने पाकिस्तानी मूल के व्यक्तियों को आसानी से वीजा मिलने पर अपनी चिंता जाहिर की है। हाल के दिनों में इस बारे में सार्वजनिक रूप से शिकायतें आईं थीं कि शिकागो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा वीजा जारी करने में अनियमितताएं बरती गईं।
गौरतलब है कि पााकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर संबंद्ध राणा और उसका साथी डेविड हेडली इन दिनों अमेरिकी जांच एजेंसी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की गिरफ्त में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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