भारतीय मूल के चिकित्सक के हमलावरों को लंबी कैद की सजा (लीड-1)
एएमए केपूर्व अध्यक्ष डॉक्टर मुकेश हैकरवाल ने बुधवार को कहा कि उन पर हमला करने वालों को कैद की सजा मिलने से उनको कोई राहत नहीं मिली है। हमले के दौरान सिर में लगी चोट के कारण हैकरवाल को फिर से दुबारा चलने और बोलने भारी कठिनाई हुई।
हैकरवाल पर 27 सितम्बर 2008 को कुछ लोगों ने विलियम्सटाउन के एक पार्क में हमला किया था। करीब एक घंटे से उपद्रव कर रहे इन लोगों ने पांच किलामीटर के दायरे में चार अन्य लोगों पर भी हमला किया था।
हैकरवाल का तुरंत ऑपरेशन किया गया और वह 24 घंटे तक कोमा में रहे। उन्हें करीब दो महीने अस्पताल में गुजारने पड़े।
समाचार पत्र 'द एज' के अनुसार विक्टोरिया काउंटी कोर्ट के न्यायाधीश जोए गुलाकी ने बेसबाल के बल्ले से हैकरवाल के सिर पर वार करने वाले अल्फ्रेड एज्जोपार्डी को बुधवार को साढ़े 18 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। उसे कम से कम साढ़े 13 साल जेल में बिताने होंगे।
माइकल बल्टाजिस (20 वर्ष) को साढ़े 16 वर्ष कैद की सजा दी गई और वह न्यूनतम साढ़े 10 साल जेल में रहेगा। सीन ग्रैबियल को नौ वर्ष नौ महीने की कैद की सजा सुनाई गई और उसे कम से कम छह साल जेल में बिताने होंगे।
हमलावरों को सजा सुनाए जाने के बाद हैकरवाल ने कहा कि वह उन आदमियों के बारे में कोई भावना नहीं रखते।
हैकरवाल ने कहा, "उन आदमियों को जेल की सजा से मुझे कोई राहत नहीं मिली।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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