बिहार में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी
पटना, 17 नवंबर (आईएएनएस)। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) तथा दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। उधर, हड़ताल को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।
हड़ताली जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को भी धरना पर बैठे तथा बैनरों और कार्टूनों के जरिये अपनी मांगों को उचित ठहराया।
पीएमसीएच तथा डीएमसीएच में जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों के समर्थन में परिसर में ही धरने पर बैठे। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉ़ धनंजय ने मंगलवार को कहा कि यह धरना कार्यक्रम दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन चलेगा।
उधर लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने सरकार से हड़ताल जल्द समाप्त कराने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने वादे के अनुसार जूनियर डॉक्टरों की मांग पूरी करनी चाहिए।
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हड़ताली जूनियर डॉक्टरों से अपने काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हड़ताली जूनियर डॉक्टर मरीजों की स्थिति पर भी नजर डालें।
इन अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिन मरीजों के पास थोड़े भी पैसे हैं वे निजी अस्पतालों में चले गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज हड़ताल टूटने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे-जैसे हड़ताल लंबी होती जा रही है वैसे-वैसे मरीजों का पलायन बढ़ता जा रहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की गई है। हड़ताल के दरम्यान पीएमसीएच में अब तक 70 से ज्यादा तथा डीएमसीएच में 10 लोगों की मौत हो गई है। जबकि पीएमसीएच प्रशासन ने अब तक 47 तथा डीएमसीएच प्रशासन ने 7 मरीजों की मौत होना स्वीकार किया है।
उल्लेखनीय है कि पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर अपने 13,000 रुपये के मानदेय को 25,000 रुपये से 30,000 रुपये तक करने की मांग को लेकर नौ नवंबर से तथा डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर गुरुवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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