ओबामा, जिन्ताओ कोरिया और ईरान के मसले वार्ता से सुलझाने के पक्ष में
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ओबामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जिन्ताओ ने कहा, "कोरियाई प्रायद्वीप का परमाणु मसला बातचीत के जरिए सुलझाए जाने के लिए हम दोनों प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता चीन और अमेरिका तथा सभी संबद्ध पक्षों के साझा हितों को पूरा करती है।
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की वार्ता के बाद जारी संयुक्त घोषणा पत्र में उन्होंने भरोसा जताया कि छह पक्षीय वार्ता जल्द शुरू हो जाएगी। जिन्ताओ ने कहा कि चीन और अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणुरहित बनाने में प्रयासरत अन्य पक्षों के साथ मिलकर काम करेंगे। घोषणा पत्र में कहा गया है कि अमेरिका तथा उत्तर कोरिया के बीच शुरू हुए उच्च-स्तरीय संपर्को का चीन स्वागत करता है।
दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने जोर देकर कहा कि मध्य-पूर्व में स्थायित्व तथा खाड़ी क्षेत्र का परमाणु मुक्त क्षेत्र होना बहुत जरूरी है। उन्होंने ईरान के परमाणु मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने पर बल दिया।
दोनों देशों ने स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण विशेष तौर पर महामारियों के नियंत्रण पाने के लिए संयुक्त अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। संयुक्त घोषणा पत्र के अनुसार दोनों देश आम जनता से जुड़े स्वास्थ्य के मसलों, और एचआईवी/एड्स, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू , तपेदिक और मलेरिया जैसे रोगों से बचाव की दिशा में सहयोग बढ़ाएंगे। घोषणा पत्र के अनुसार दोनों देश खाद्य एवं उत्पाद सुरक्षा तथा गुणवत्ता के लिए भी सहयोग बढ़ाएंगे।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि ओबामा के निमंत्रण पर जिन्ताओ अगले वर्ष अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में हुई वार्ता के दौरान ओबामा ने जिन्ताओ को अमेरिका आने का न्यौता दिया जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की इस साल यह तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता अप्रैल में लंदन में और न्यूयार्क में सितम्बर में मुलाकात कर चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति के मेहमान के रूप में ओबामा की यह चीन की प्रथम आधिकारिक यात्रा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications