मिजोरम में देखते ही गोली मारने के आदेश
मिजोरम में रेयांग जनजातीय क्षेत्रों में शनिवार को भड़की जातीय हिंसा में 355 से अधिक घरों में उपद्रवी तत्वों ने आग लगा दी थी। हिंसा की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए।
मिजोरम के गृह मंत्री आर. लालजिरलीना ने आईजोल में संवाददाताओं से कहा, "स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।"
उन्होंने कहा कि हिंसा मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को जातीय हिंसा के दौरान उपद्रवी तत्वों ने रेयांग के जनजातीय क्षेत्रों में मामित और कोलासिब जिलों के सात गांवो के 355 घरों में आग लगा दी थी जिसके कारण 5,000 से अधिक लोग विस्थापित होने को मजबूर हो गए।
हिंसा के बाद विस्थापित हुए जनजातीय क्षेत्रों के लोग दक्षिणी असम के हाइलाखांदी क्षेत्रों में जबकि कुछ लोग उत्तरी त्रिपुरा के जमपुई क्षेत्रों में शरण लिए हुए हैं।
यह हिंसा उस समय भड़की जब त्रिपुरा की सीमा के पास उग्रवादियों ने बंगथुआन गांव में एक 18 वर्षीय युवक की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी।
इस हत्या के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों और यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) ने संयुक्त बयान जारी कर इस मामले में लिप्त लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
गौरतलब है कि इस हमले की जिम्मेदारी ब्रू नेशनल आर्मी (बीएनए) उग्रवादी संगठन ने ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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