भाजपा में लौटना नहीं बल्कि राजग का हिस्सा बनना चाहती हूं : उमा (लीड-1)
पार्टी की प्रदेश इकाई की बैठक में शामिल होने लखनऊ आई उमा ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "राजग में शामिल होने के मद्देनजर मैंने राजग संयोजक शरद यादव तथा वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को एक पत्र भी लिखा है। मैंने पांच सालों तक पार्टी चलाई लेकिन इस दौरान मुझे महसूस हुआ कि अकेले दम राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करना बहुत मुश्किल है। हम अकेले चलते रहे तो बस एक या दो ही राज्यों तक सीमित रह जाएंगे।"
उमा ने आज कल्याण सिंह से मुलाकात की। कल्याण के बारे में उन्होंने कहा, "मुझ्झे खुशी है कि राम मंदिर के नायक रहे कल्याण सिंह ने अपनी गलती महसूस कर ली है और फिर से हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे पर लौट आए हैं।"
कल्याण को पिता तुल्य बताते हुए उमा ने कहा, "मेरे मन में हमेशा उनके लिए आदर का भाव रहा है और जब वह भाजपा से अलग भी हो गए थे तब भी मैंने भाजपा में रहते अथवा भाजपा से बाहर होने के बावजूद कभी उनके खिलाफ किसी चुनाव में प्रचार नहीं किया।"
उमा ने कहा कि अगर कल्याण सच्चे मन से पश्चाताप करके राम मंदिर निर्माण के लिए काम करते हैं तो और कोई उन्हें माफ करे न करे, भगवान उन्हें जरूर माफ कर देंगे।
इससे पहले भाजपा महासचिव विनय कटियार ने भी कल्याण के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि वह अपनी गलती का पश्चाताप करने के लिए राम की नगरी अयोध्या आएं, वहां वह उनका स्वागत करेंगे।
मालूम हो कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह से नाता तोड़ने के बाद कल्याण सिंह ने बीते रविवार को भाजपा और राष्ट्रवादी ताकतों को मजबूत करने और राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की बात कही थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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