राजनाथ ने कर्नाटक के लिए बनाई समन्वय समिति
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने कर्नाटक के रेड्डी बंधुओं -पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी- ने अपने समर्थक विधायकों व मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। रेड्डी बंधु येदियुरप्पा को हटाए जाने और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर अड़े थे।
एक पखवाड़े से भी अधिक समय तक चले कर्नाटक के नाटक का अंत तो हुआ और येदियुरप्पा की कुर्सी भी बच गई लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री को रेड्डी बंधुओं की कई मांगें माननी पड़ी। इसके तहत पिछले दिनों उन्होंने मुख्य सचिव वी. पी. बलिगर का तबादला किया, ग्रामीण विकास मंत्री पद से शोभा करंदलाजे का इस्तीफा दिलाया, बेल्लारी जिले के अधिकारियों के तबादले संबंधी आदेश भी वापस लिए और शेट्टर को अपने मंत्रिमंडल में भी शामिल किया।
पार्टी की केंद्रीय इकाई ने समझौते के फार्मूले के रूप में एक समन्वय समिति के गठन का भी फैसला किया था जिसकी घोषणा मंगलवार को की गई।
इस समिति के सदस्य हैं- प्रदेश अध्यक्ष सदानंद गौड़ा, मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, केंद्रीय महासचिव अनंत कुमार, वी. एस. आचार्य, जगदीश शेट्टर, के. एस. ईश्वरप्पा, आर. अशोक, विश्वेश्वरा हेगड़े कागेरी, सुरेश कुमार, कट्टा सुब्रमन्यम नायडू, बस्सोराज बोम्मई।
विशेष आमंत्रित सदस्य है- वी. सतीश और संतोष।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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