लंदन में मिला झांसी की रानी का खत
रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के भारतीय विद्रोह से कुछ समय पहले ही यह खत लिखा था।
बीबीसी का कहना है कि शिक्षाविदें का मानना है कि चूंकि झांसी की रानी के जीवन के बहुत थोड़े ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध हैं इसलिए इस खत की खोज बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।
यह खत ईस्ट इंडिया कंपनी (ईआईसी) के गवर्नर जनरल लार्ड डलहौजी को लिखा गया था। 19वीं शताब्दी के लेखक लीविन बेनथम बोवरिंग ने लंदन की ब्रिटिश लाइब्रेरी के लेखागार में अन्य दस्तावेजों, छायाचित्रों और यादगार वस्तुओं के साथ इस खत को रखा था।
'विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम' की हाल ही में लंदन में आयोजित 'महाराजा' प्रदर्शनी की अनुसंधान निरीक्षिका दीपिका अहलावत का कहना है कि झांसी की रानी ने खत में उस रात की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का वर्णन किया है जिस रात उनके पति की मृत्यु हुई थी।
डलहौजी के विलय के सिद्धांत से असहमत लक्ष्मीबाई ने गवर्नर जनरल से कहा था कि उनके पति ने दामोदर राव गंगाधर को अपने बेटे और झांसी के अगले राजा के रूप में गोद लेने के लिए सभी आवश्यक रस्में पूरी कर ली हैं।
लेकिन डलहौजी ने इस बच्चे को उत्तराधिकारी स्वीकार नहीं किया और झांसी का विलय करने की धमकी दी, जिससे लक्ष्मीबाई 1857 के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ शामिल हो गईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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