पाकिस्तानी जासूस के पासपोर्ट की जांच में 3 गिरफ्तार
एक ओर जहां पुलिस गिरफ्तार लोगों के विषय में कुछ नहीं बताना चाह रही है वहीं सूत्रों ने बताया है कि गिरफ्तार पुलिसकर्मी ने अली को भारतीय पासपोर्ट दिलवाने में मदद की थी।
अली को रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया था। अली ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट हासिल किया था।
अन्य दो लोगों को पासपोर्ट कार्यालय और स्थानीय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। यहां से अली ने अपना पासपोर्ट और ड्राईविंग लाइसेंस प्राप्त किया था। अरशद और चांद के रूप में उनकी पहचान की गई है।
गिरफ्तार पुलिसकर्मी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
इस बीच अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अरविंद कुमार जैन ने कहा है कि जाहिर तौर पर अली ने लखनऊ में रहने के लिए एक नकली पहचान स्थापित की थी।
इस पाकिस्तानी नागरिक ने लखनऊ से एक पैन कार्ड, एक ड्राईविंग लाइसेंस और एक पासपोर्ट प्राप्त किया था।
जैन ने आईएएनएस से कहा, "वह अप्रैल 2005 में लखनऊ आया था और अगले कुछ दिनों के अंदर ही उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था।"
24 जून को स्थानीय पुलिस स्टेशन और स्थानीय खुफिया इकाई ने इसका पुलिस सत्यापन किया था और अगले 12 दिनों में छह जुलाई 2005 को उसे अपना पासपोर्ट मिल गया था।
सोमवार को यहां पहुंचा दिल्ली पुलिस का एक दल पासपोर्ट और परिवहन कार्यालय में जांच कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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