तेलंगाना राज्य के लिए टीआरएस अध्यक्ष आमरण अनशन पर
टीआरएस अध्यक्ष ने केन्द्र और राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि इसके परिणाम के लिए वही जिम्मेदार होंगे। कल देर रात एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या खून खराबे के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार नहीं होगी। लोगों के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा, "ये अब, अभी या कभी नहीं की स्थिति है। या तो अब मेरी चिता को आग देने के लिए तैयार हो जाएं या जीत की रैली में उपस्थित होने को।"
राव ने बताया कि सरकार द्वारा तेलंगाना की मुश्किलों को सुलझाने में असफल होने के कारण ही उन्होंने ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा, "हमें अब लगता है कि अलग राज्य के बाद ही तेलंगाना की समस्याओं का हल निकल सकता है।"
अनशन पर जाने से पहले टीआरएस अध्यक्ष, अलग राज्य को लेकर लोगों में जागरुकता लाने के लिए तेलंगाना के सभी जिलों में रथ यात्रा का आयोजन करेंगे।
राव का नारा है, "तेलंगाना वाले जागो,आन्ध्र वाले भागो।" उन्होंने कथित आरोप लगाया है कि आन्ध्र प्रदेश के लोगों ने तेलंगाना के कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन पर कब्जा कर रखा है।
उधर सत्ताधारी विपक्ष पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि राव अलग अलग क्षेत्रों के लोगों में दरार पैदा करने की कोशिश कर रहें हैं।
राव के अनशन पर रोक लगाने के लिए आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications