व्यापार मेले के छोटे दुकानदार परेशान
बांग्लादेश के जमादानी रेशम के व्यापारी मुहम्मद जईउद्दीन ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि पहले पांच दिन केवल व्यापारियों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
जईउद्दीन ने आईएएनएस से कहा, "यह निराशाजनक है। हम यहां व्यापारिक सौदे करने नहीं बल्कि अपना सामान जनता को बेचने आए हैं। इसलिए पहले पांच दिनों का हमारे लिए कोई मतलब नहीं है।"
उन्होंने कहा कि आम तौर पर व्यापार मेले के दौरान दिखाई देने वाली भीड़ यहां नहीं है।
मेले के आयोजक भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) ने पहले पांच दिन व्यापारियों के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया और इसके लिए 400 रुपये का प्रवेश शुल्क तय किया। पिछले वर्ष व्यापारियों के लिए व्यापार शुल्क 200 रुपये था।
आम जनता के लिए व्यापार मेला 19 नवंबर को खुलेगा। सप्ताह के अन्य दिनों में प्रवेश शुल्क 30 रुपये और सप्ताहांत में यह 60 रुपये होगा।
कराची के मीर डिजाइनर के एक प्रतिनिधि ने कहा, "लोग इतना अधिक खर्च नहीं करना चाहते। हमारे पास बहुत कम लोग आ रहे हैं और इससे हमारा व्यापार करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है।"
पिछले पांच वर्षो से यहां आ रहे बांग्लादेश के एक अन्य व्यापारी सिद्दिक रहमान ने बताया कि उनकी 95 प्रतिशत बिक्री खुदरा ग्राहकों से होती है। परंतु पांच दिनों तक शायद की कोई बड़ी बिक्री होगी।
पाकिस्तान के एक अन्य कपड़ा व्यापारी बाबूलाल ने कहा कि यह व्यवस्था बड़े व्यापारिक घरानों के लिए ठीक है लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए यह ठीक नहीं है।
जईउद्दीन ने बताया कि पिछले वर्ष वह हर रोज 70,000 रुपये से 100,000 रुपये की बिक्री कर लेते थे। अब जनता के लिए मेले के दिनों की संख्या घटाने से उनको बिक्री घटने की आशंका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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