चिमनी गिरने के मामले में बाल्को के उपाध्यक्ष गिरफ्तार
चिमनी गिरने से कम से कम 41 श्रमिकों की मौत हुई थी। चिमनी के मलबे से 41 शव बरामद किए गए थे जबकि निर्माण कार्य में लगे दर्जनों लोग अब भी लापता हैं।
कोरबा के पुलिस अधीक्षक रतनलाल डांगी ने आईएएनएस को बताया, "बिजली घर के परियोजना प्रबंधक मेहता और परियोजना से जुड़े दो अन्य अधिकारियों -सहायक महाप्रबंधक दीपक नारंग और (प्रशिक्षु)अनूप महापात्र को सोमवार रात कोरबा से गिरफ्तार किया गया।"
उल्लेखनीय है कि वेदांत रिसोर्सेस के नियंत्रण वाली बाल्को में सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत है। कंपनी ने कोरबा में 600 मेगावॉट के दो ताप बिजलीघरों के निर्माण के लिए चीनी कंपनी शेनदांग इलेक्ट्रिक पॉवर कंस्ट्रक्शन कंपनी (एसईपीसीओ) को ठेका दिया था।
एसईपीसीओ ने 257 मीटर ऊंची चिमनी के निर्माण का कार्य बाद में गैनन डंकरली एंड कंपनी लिमिटेड (जीडीसीएल) को सौंप दिया था।
कोरबा पुलिस ने दुर्घटना के तुरंत बाद बाल्को के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। जीडीसीएल के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा को चिमनी के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने सहित कई आरोपों में सात अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
कोरबा के जिला और सत्र न्यायाधीश संदीप बख्शी का एक सदस्यीय न्यायिक आयोग दुर्घटना की जांच कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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