नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में मीडिया की अहम भूमिका : राय

शिमला, 16 नवंबर (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महात्मा गांधी हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति विभूति नारायण राय ने कहा कि मीडिया को अपने कार्य का निर्वहन अधिक प्रभावशाली एवं समर्पण से कार्यान्वित करने के लिए स्व नियंत्रण एवं स्व अनुशासन को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गत दो दशकों में समाज के नैतिक मूल्य तेजी से बदले हैं और मूल्यों को बनाए रखने में मीडिया अहम भूमिका निभा सकता है।

राय राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा सोमवार को यहां 'भारतीय मीडिया का बदलता स्वरूप' विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे।

राय ने कहा कि कई बार मीडिया द्वारा कुछ मामलों को सनसनीखेज़ बनाया जाता है, जो समूचे समाज के लिए घातक है। मीडिया को समाज के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। समाज के हित में यह आवश्यक है कि मीडिया स्व-निर्धारित आचार संहिता का पालन करे। उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतन्त्रता के लिए 'सेंसरशिप' घातक है और मीडिया को ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए, जिनमें सेंसरशिप लागू करना आवश्यक हो जाए।

उन्होंने कहा कि कार्य निर्धारण के स्व-संचालित नियम समय की मांग है और यदि कोई भी व्यक्ति इसकी अवहेलना करता है, तो उसके साथ संस्थान द्वारा सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

राय ने कहा कि बदलते परिपेक्ष्य में समाचारपत्र उपभोग की वस्तु एवं उत्पाद बन कर रह गये हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया में व्यापारिक पहलू को अधिक महत्व प्रदान किया जा रहा है, तो मीडिया अपनी स्वतन्त्रता को कैसे बनाए रख सकता है।

विभूति नारायण ने कहा कि मीडिया को आत्म विश्लेषण करना चाहिए तथा सोचना चाहिए कि वह किस दिशा में जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया को सही दिशा में ले जाने के लिए किसी को आगे आना होगा। उन्होंने विभिन्न घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए मीडिया की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मीडिया के कारण ही विभिन्न गलतियां ठीक हुई हैं।

इस अवसर पर हिन्दुस्तार टाइम्स के स्थानीय संपादक रमेश विनायक ने आत्म विश्लेषण की आवश्कता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गत दो दशकों में मीडिया में व्यापक बदलाव तथा विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि अनेक बाधाओं के बावजूद हमारा मीडिया संवेदनशील, जागरुक तथा विस्तृत है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई साक्षरता दर के परिणामस्वरुप पिंट्र तथा इलैक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों के ही विस्तार में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 70 हजार समाचारपत्र, 53 हजार से अधिक पत्रिकाएं तथा 300 से अधिक टी़ वी़ चैनल, जिनमें से लगभग 80 न्यूज़ चैनल कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पाठक सर्वेक्षण डॉटा के अनुसार गत 5 वषरें के दौरान प्रिंट मीडिया की पाठक संख्या में 4 प्रतिशत वृद्घि दजऱ् की गई है तथा गत दो वषरें में 2.5 करोड़ नये पाठक जुड़े हैं। 6.8 करोड़ केबल एवं सेटेलाइट चैनलों के दर्शक हैं और भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इंटरनेट उपयोगकर्ता देश है।

कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी, जिनका हाल ही में निधन हुआ है, को भावभीनी श्रद्घांजलि अर्पित की गयी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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